Income Tax क्या है? Income Tax कब देना पड़ता है? Income Tax की सारी जानकारी।

Tax के बारे मे हर कोई जानता है और हर एक इंसान Directly या Indirectly Tax pay करता ही
है। जैसे अगर आपके पास कोई चीज़ है जिसको आपने खरीदा है उसपे भी आपने Tax दिया होता है। जो price मे Include होता है। और जिनकी income ज्यादा होती है उनको तो Income tax के बारे
मे पता ही होता है और वो हर वक़्त देखते है की कैसे Tax कम दे!! खेर हम उसके बारे मे भी बाद मे
बात करेगे।

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आज मे All about Income tax  के बारे मे जानकारी दुगी जिससे आपको Income Tax के बारे
मे समजने मे आसानी होगी। साथ मे कुछ ऐसे Information दुगी जिसके बारे
मे आपको पता नही होगा लेकिन कभी न कभी सुना होगा। जो आपको बहुत useful होगे।

जैसे की Income Tax क्या है? Income tax मे कोनसे कोनसे Head है? यानि Income Tax Head, Income tax मे Deduction क्या होता है? Exemption क्या है? income tax rebate क्या है? किस तरह से आप tax देते है? Income Tax कहा भरा जाता है? Income Tax Return क्या और कितने प्रकार के होते है? अपना Income tax return कैसे भरे? कैसे आप अपना tax कम कर सकते है? सारी जानकारी इस पोस्ट मे मिल जाएगी

Income Tax क्या है? (what is Income Tax in Hindi?)

Income tax एक प्रकार का कर है जो सरकार हमारी income पर लेती है। और उससे सरकार देश चलाने और विकास के लिए use करती है। 

हम जहा रहते है वहा बहुत सारी सुविधा देती है वो सारा कुछ हम हमारे tax से ही होता है। इसलिए हमे हमारी income पे Tax देना चाहिए जिससे देश का विकास हो और बहुत सारी सुविधा मिले। जैसे अच्छी पढ़ाई, अच्छे रोड, अच्छी medical service और भी बहुत कुछ जिससे हमारे देश का विकास होता है।

सरकार ऐसे ही सब से Tax नही लेती की अगर आप 1 लाख कमा रहे हो तो भी tax देना है। बल्कि सरकार ने limit दी हुवी है की अगर इससे आपकी income बढ़ती है तो आपको tax देना है और उसमे भी Government हमको Exemption और Deduction देती है। जिससे आपको अपनी पूरी income पे Tax नही देना होगा बल्कि उससे भी कम पे tax देना होगा। 

जैसे आपने जो income Earn की है वो Gross income है और हमे tax Net income पे देना होता है जो की सारे Deduction और Exemption निकालके आती है। 

लोग पहले से ही अपनी Income का अंदाजा लगा कर ऐसे Investment करते है जिससे उनको Tax कम देना पड़े साथ ही Investment का फाइदा भी हो।

Gross Income क्या होता है?
(Gross Income meaning in Hindi?)

Gross Income यानि हमारी पूरेसाल मे कितनी Total income आती है जैसे की अगर आप Job करते है तो आपकी साल की salary 2 लाख है और आपने कुछ investment किए है share market मे उसमे से 100000 का profit आया और FD कराई है उसका 5000 Interest आया है, ऐसे ही मिला कर आपकी इंकम करीबन 300000 है। तो ये जो सारी Total income है वो Gross income है। 

Gross Income यानि आपकी Total income जिस मैसे अभी आपने कोई Deduction, खर्चा और Exemption नही निकाला यानि की Overall आपकी income इतनी है उसको  Gross
Income कहा जाता है। 

Gross Income पे आपको कोई tax नही देना होता है। Tax आपको Net income पे देना होता है। और net income का meaning भी हम यहा देख लेते है।

Net Income Meaning in Hindi।

Net income यानि हमारी Gross income मैसे जो भी सारे Deduction, Exemption और भी
जो खर्चे सरकार ने मान्य किए है वो सब हटा के/ निकालके जो  Income आती है उसको Net Income कहा जाता है।


Income Tax हमारा Net income पे लगता है। इसलिए आप Planning करके net income कम करा सकते है और कुछ tax pay कर सकते है। तो Income Tax बचाने के लिए आपको आपकी Net
Income कम है। कुछ ऐसे Investment और Planning से आप कम tax pay कर सकते है।


Income tax मे अलग अलग Head है जहा आप अपनी income बता सकते है। आप अपनी सारी income का Total करके एक साथ दिखा के tax नही भर सकते है। 


आपको अलग अलग जगह से जो भी income आती है वो अलग अलग बाटनी होती है। जैसे अगर आप जॉब करते है, बैंक मे पैसा रखते है, share market, mutual fund, लॉटरी, gaming से income दुनिया की सारी income आपको इन head मे बतानी होती है। तो अब जानते है की Income tax मे कोनसे कोनसे head होते है?

Types of Income / Heads of Income

कोई भी इंसान की आय(Income) एक से ज्यादा होती ही है भले वो सिर्फ जॉब करता है  उसके अलावा कोई कम नही करता हो लेकिन उसकी income दूसरे स्त्रोत से भी आती है वो investment हो सकता है या
तो कोई इंसान की income एक से ज्यादा जगह से आती है।  

इसलिए income tax मे पहले से सारा कुछ दिया हुआ है की कोनसी income कोनसे Head मे आएगे और उस head मे कितना tax लगता है?

हमारे India मे सारी income मे एक जेसा tax नही लगता है अलग अलग type की income मे अलग अलग Tax लगता है जैसे की Salary मे जो income tax का Slab है उस हिसाब से tax लगता है। Capital gain मे अलग tax लगता है ऐसे सारे अलग अलग Head है जो नीचे दिये गए है।

5 Head Of Income tax 

  1. Income From Salary
  2. Income From Business & Profession
  3. Income From Capital Gain
  4. Income Form House/ Property
  5. Income Form Other Source  

1. Income Form Salary

Income From salary मे वो सारी Income आती है जो Salary Type मे मिली हो यानि
की जहा पे आप जो करते है वह से जो income आती है वो Income from Salary है। अगर
आप एक साथ दो या तीन जगह कम करते है तो आपको सारी Salary पे tax देना
होगा अगर वो Income tax की  Basic limit से  ज्यादा है तो। 

यानि की 2.5 लाख से ज्यादा या तो 5 लाख ये दो Tax Slab है जिस मैसे आप एक choose कर सकते है। जिसमे 2.5 लाख वाले स्लैब मे आप Deduction claim कर सकते है 5 लाख वाली income पे Deduction claim ही कर सकते। उस बारे मे हम बाद मे बात करेगे Detail मे new  post मे।

आपकी जितनी Total salary है उसमे से आप Deduction claim कर सकते है जैसे की HRA यानि की अगर आप रेंट पे रहते है और company मैसे उसका Allowance मिलता है। 

HRA का Deduction claim कर सकते है साथ भी और भी बहुत सारे Deduction जैसे की PPF, LIC premium, NPS, ELSS, बच्चो की Tution fee, Home loan interest और भी बहुत सारे Deduction है जिससे आप claim करके अपनी net income कम करा सकते है।
उस बारे मे भी मे एक अलग से detail मे Post दे दुगी।

2. Income From House & property

अगर आप House/Property rent पे देते है उससे जो income आती है वो House Property income मे taxable होती है।

House Property मे सिर्फ घर नही आता उसके अलावा भी बहुत सारी चिज़े जैसे की दुकान, ऑफिस, Factory ये सारी चिज़े भी आती है। आज हम सिर्फ उपर उपर से सारे point देख रहे है आगे हर चीज़ के बारे मे Detail मे बताएगे।

3. Income From Business & Profession

Income From Business & profession और salary ये दो income main है क्यूकी mostly सारे लोगो की  Daily income इन दोनों मेसे ही आती है। Salary मे तो TDS cut होता हा या तो Self Assessment करके Tax Pay किया जाता है लेकिन Business और Profession मे जो Profit हुआ है साल भर मे उसमे Tax देना होता है।

Income From Business and profession मे self employed individuals,
businesses, freelancers  और contractors।

अगर आप कोई service देते है जैसे की आप Doctor, Chartered Accountant, Teacher, Engineer, Lawyer, Insurance Agent और Electrician या ऐसी कोई भी Service देते है जिसमे Product sales जैसा काम नही होता उसकी जो Earning होती है।

ये सारी Type की Income Income From बिज़नस and Profession मे Taxable होती है।

4. Income From Capital Gain

Income Form Capital Gain मे जो income Capital से आई है वो सारी include होती है। 

Capital Gain यानि Land, building, house property, vehicles, patents, trademarks, leasehold rights, machinery, jewellery, Stock market के बेचने से जो profit होता है वो Capital gain मे आती है। 

Capital Gain मे Tax दो Type से Calculate होता है। जिसमे अगर आपका Gain Short term या long term है उसपे depend करता है। जिसमे अलग अलग Capital Asset की अलग अलग लिमिट है। 

जैसे की Share market से होने वाला Gain मे Short term मे 24 month (1 year) से कम Time से हुआ है तो short term है जिसपे 15% tax है। 

Share market से 1 साल (24 month) का Gain है तो वो Long Term gain है। जिसमे 1 लाख से ज्यादा के profit पे 10% tax लगता है।

5. Income From Other Sources

Income From Other Source मे ऐसी income आती है जो उपर के सारे source मे नही आती है। जैसे की Horse race, lottery, Gift Income, Dividend, Saving Interest मिला ये सारे कुछ Exmaple है जो सारी Other Source मे Taxable होती है।

तो ये थे सारे Head जिसमे सारी income अलग अलग दिखना पड़ता है। और अगर आपको Loss हुआ है तो वो आगे के साल मे Cover कर सकते है और अगर ज्यादा Tax दिया है तो वो Refund भी मिलता है Interest के साथ।

ये तो सारे Direct Tax थे लेकिन इसके अलावा भी हम tax देते है Indirectly। अगर आपको Direct Tax और Indirect tax के बारे मे नही पता तो वो भी बता देते है।

Tax के प्रकार कोनसे है? Type of Tax in hindi

सरकार हम से दो प्रकार से Tax की वसूली करती है। जिससे Income tax तो Mostly Year End मे मिलता है और कुछ हर महीने भी मिलता है।
India मे Tax के दो प्रकार है। 

  1. Direct Tax 
  2. Indirect Tax

1. Direct Tax

Direct Tax यानि कोई इंसान अपनी Income का Tax खुद देता है वो Direct Tax है जैसे की Income tax और corporate Tax। Income Tax उसी इंसान को देना होता है जिसके उपर Tax आया हो और वो किसी और पे transfer नही कर सकता है इसलिए उसको Direct Tax कहा जाता है।

2. Indirect Tax

Indirect Tax यानि ऐसा Tax जो इंसान खुद नही पाय कर रहा है लेकिन किसी और के जरिये वशूल कर रहा है। जैसे की GST। 

हम जब भी कोई चीज़ खरीदते है तो उसपे Tax देना होता है। दुकान दर भी Tax pay करके खरीदता है लेकिन वो Tax Customer से वशूल कर देता है। और उसको Credit भी मिलती है जैसे की GST मे ITC। 

और अगर ज्यादा TAX लिया हो तो वो Pay करना होता है। जैसे की कोई चीज़ 100 पे 5% यानि 5 रूपय tax दिया है और वो चीज़ 120 मे बेच  रहा है तो उसपे tax 6 रूपय tax ले रहा है तो वो 1 रूपय का tax देना होगा।

लेकिन वो भी Customer से ले लेता है तो वो indirect Tax है जो कोई और दे रहा है और कोई भर रहा है।

Indirect tax मे Excise Duty, Customs Duty, VAT ये सारे कुछ tax आते है। जो Product पे लगता है जो एक से दूसरे पे Transfer होता है।

ये थे सारे head of income जिसमे हमारी सारी income show होती है। Income Tax Act मे बहुत सारी income Exempt है, और कुछ Type की Income या Investment है जो कुछ Limit तक Deduction मिलता है। कुछ हद तक Rebate मिलती है।

बहुत सारे लोग जो Non Commerce Background से है उन्होने ने ये Exempt income, Tax Deduction और Tax rebate Word पहली बार सुने होगे तो मे उन लोग के लिए आसान कर देती हु की इन सब का क्या अर्थ है। क्यूकी आप The Digital Anjali की website पे आए है तो बहुत सारी चिज़े आसान तो
होगी। 

Tax Exemption क्या होता है (what is Tax Exemption?) 

Tax Exemptions यानि जो income पे Tax नही लगता। जैसे की India मे Agriculture Income। Agriculture Income मे भी Income Tax Act मे Definition है की कोनसी income Agriculture Income है और कोनसी नही।

जैसे की कोई खेत है जिसपे सेर्सों की खेती की है तो वो बेच के जो Income आएगी वो Agriculture Income है जिसपे Tax नही लगता। और व्ही खेत को अगर हमने किसी फिल्म की शूटिंग के लिए किराए पे दिया है तो वो Non Agriculture income है। जिसपे Tax लगता है।

Tax free income in india:- (Exempt Income Examples
in hindi)

  • Agriculture Income के अलावा भी बहुत सारी income है जिसपे Tax नही लगता।
  • जैसे किसी Partnership Business से मिला Profit,
  • Provided Fund Maturity,
  • Education के लिए Scholarship,
  • शादी मे अगर किसी  Relative Gift मिली है वो Tax free है,
  •  Saving Bank account मे 10000 INR तक का Interest tax free है,
  • Defense, Disability वाले इंसान को जो Pension मिलती है वो Tax free है।
  • अगर आपकी income Tax Slab यानि 250000 या तो 500000 से कम है तो वो भी Exempt है।
  • Long term Capital gain मीसे Up to 1 लाख की income/Profit भी Tax free है।
  • HRA, Children Education Allowance, Gratuity, leave travel allowance ये सारे भी Tax Exemption का हिस्सा है।
  • आपको अपने किसी relative की Death के जो Insurance का
    जो पैसा मिलता है वो Tax free है। तो
    ये थे कुछ Tax Exemption के Example जिसकी हम एक अलग पोस्ट मे Detail मे बात करेगे।

Tax Deduction क्या है?  (what is Tax Deduction in hindi?)

Tax Deduction का अर्थ कर छूट। यानि की जिससे हम हमारी Taxable income कम कर सके वो खर्चे, Investment। Government हमे सारी Investment या खर्चे Allow नही करती की हमारी सारी income पे सारे खर्चे निकालके जो Saving या जो बचे उसपे Tax दे।

Tax Deduction से हम हमारी Taxable income कम कर सकते है उनके लिए Income Tax मे
अलग अलग section है। जेसे 80C, 80D, 80E, 80TTA, 80G। आज हम main main सारे Deduction देख लेते है आगे Detail मे Dedicated post से सारी जानकारी Detail मे दे देगे।

Tax Deduction:-

Standard Deduction

Standard Deduction Gross Salary मैसे 50000 तक की छूट मिलती है यानि फ्लॅट आपको कोई भी saving, Investment किए बिना आपको 50000 का Deduction मिलता है। जो हर Salaried Person को मिलता है। किसी और Business वाले या किसी और को standers Deduction नही मिलता है।

Section 80C

80C मे 150000 रूपय का Deduction मिलता है। 80C मे सारे सरकारी Investment आते है। जिसमे सारे Investment मिला कर आपको 150000 तक का income कम कर सकते है। अगर आप सबसे ज्यादा income Earn करते है और आपको Higher tax slab मे आते है तो 46800 INR तक का Tax आप 80सी मे Investment करके बचा सकते है।

80 C मे FIX DEPOSIT, EPF, NPS, PPF,NSC,ULIP, LIC PREMIUM, ELSS MUTUAL FUND ये कुछ Investment है जो 80C मे Cover होता है।

Section 80 D

80 D मे अगर आपने अपने लिए, अपने बचो के लिए या अपनी wife के लिए Health Insurance Premium लिया है तो 25000 तक का Deduction claim  कर सकते है।

अगर आपने अपने parents के लिए Health insurance Premium दिया है तो Additional  25000 का
और अगर आपके Parents 60 साल के उपर है तो 50000 का Deduction Claim कर सकते है।

80 D मे आप सालाना 5000 INR तक का Preventive Health Checkup का भी Claim कर सकते है।

Section 80 E

अगर आप Education loan लेते है तो उसके उपर जो Interest Pay करते है वो भी आप Deduction claim कर सकते है। Section 80 E मे।

तो ये थे कुछ बहुत ही जाने माने Deduction जो हर इंसान अपने से Related कर प रहे होगे।

Tax Rebate क्या होता है? (What Is Tax Rebate in hindi)

Tax Rebate यानि कर मे राहत। अगर आपकी Net income 500000 INR से कम है आपको 12500 INR तक की Tax की राहत मिलती है। tax Rebate आपको Total income मैसे सारे Exemption, Deduction निकालने के बाद जो Taxable income आती है उसपे जो TAX आता है उसमे 12500 तक का tax आपको pay नही करना होगा। Tax Rebate Income tax मे Section 87(A) मे मिलती है।

अगर आपकी इंकम 300000 है उसमे 100000 का Deduction है यानि आपकी Net income 200000 है जिसमे 5% के हिसाब से 10000 tax Liability आई तो U/s 87A आपको 12500 का Rebate limit है तो आपको 10000 tax देने की जरूरत नही है।

ये सारी Income की Assessment होती है उसके लिए Income Tax Act 1961 मे Time दिया हुआ है की किस साल की income पे किस साल tax देना है। जिसको Assessment Year और Financial Year से जाना जाता है। तो अब जानते है की Financial Year और Assessment year क्या अर्थ
होता है।

Assessment Year क्या होता है?

Assessment Year यानि हमारी income जिस साल मे Calculate होके Tax दिया जाता है वो साल। हमारे India मे Accounting Year 1 April से start होता है और 31 march को खतम होता है। जैसे की अभी 1 April 2022 से नया साल start होगा जहा से नए साल से फिर से accounting maintain की जाती ही। और 31 march 2023 मे साल खत्म होगी। और Year end मे account सारा बनाया जाता है जैसे Balance Sheet, Profit and loss account।

पिछले साल की income को इस साल Calculate किया जात है और इस साल Tax भरा जाता है। यानि की
अगर हम आने वाला Assessment year (A.Y.) यानि की 2022-2023 मे Income की Assessment करेगे तो सारा data पिछले साल यानि की Financial Year 2021-2022 का लेगे। और उसका tax 2022-23 मे चुकाएगे।

Financial Year क्या होता है?

Assessment Year का पिछला साल यानि Financial year जिसमे हम Investment, Saving Earning करते है वो साल। जिसको Previous Year या Financial Year भी कहा जाता है। जैसे अभी 2021-2022 financial Year चल रहा है और उसका tax हम A.Y. 2022-2023 मे देगे।

Assessee क्या होता है?

Assessee यानि वो इंसान Company, या LLP जो भी है जिसका Tax Calculate करते है और जिससे
वो Pay करना होता है। वो कोई इंसान हो सकता है, कंपनी हो सकती है या कोई Partnership Firm भी हो सकती है। जिस भी Type का Business Entities है वो सारी Assessee है। जिस भी Type का Business Entities है वो सारी Assessee है जो tax pay करने वाली है।

अब जानते है की Income tax की कैसे payment होती है?

Income Tax Payment

Income की 3 तरीको से Payment होती है एक है TDS, Advance Tax और Self Assessment tax। अब इन सारे Payment Method के बारे मे थोड़ा थोड़ा जानेगे।

TDS- Tax Deducted At Source

अगर आप जॉब करते है तो आपकी income IT Act से ज्यादा है तो आपका Employer आपको TDS Cut करके salary देता है।

TDS का Full Form Tax Deducted At Source। यानि के जहा से Income आती है वह से ही Tax Deduct (cut) होता है।

TDS सिर्फ salary पे ही नही Deduct होता बहुत सारी income पे cut होता है जिसके अलग अलग section है जैसे की Contractor, Commission, Hours Race, Brokerage, Rent, and Immovable Property Transfer पे भी लगता है।

TDS cut करने की Responsibility Payment वाले की होती है। और उस महीने की सारी TDS की amount दूसरे Month की 7 तारीख तक जमा करवाना पड़ता है। और
उसकी Return 3 महीने file होती है।

Advance Tax

Advance Tax यानि की अगर आपका सालाना Income Tax 10000 से ज्यादा आना वाला हो तो आपको हर 3 महीने मे Income Tax Act मे तय की गयी लिमिट जितना Tax जमा करना होता है।

अगर आप ज्यादा भी जमा करा देते है तो आपको वो पैसे Refund भी जाएगे interest के साथ। 

Advance Tax कब कब देना होता है और कितना देना होता है?

  • 15 June से पहले – Advance Tax के 15% तक
  • 15 September से पहले –Advance Tax के 45% तक
  • 15 December से पहले – Advance Tax के 75% तक
  • 15 March से पहले –Advance Tax का 100%

अगर आपकी Income 5 लाख तक है तो rebate मिल जाएगी लेकिन 5 लाख से ज्यादा है तो आपको tax
देना होगा।

तो मान लीजिए कीआपकी income 15 लाख है और सारे Deduction के बाद 13 लाख Taxable income
आ रही है तो 195000 का Tax New Tax new Slab और Old के हिसाब से 210000 का Tax Pay करना होगा। 

आपको अंदाजा होना चाहिए की आपकी income इस साल ज्यादा होने वाली है  तो आपको Advance Tax pay करना है। जैसे की 195000 पे आपको 29250 का Advance Tax
15 June तक देना है बाद मे 45% तक 15 September तक और 15 December तक 75% और जो बाकी रहे वो 15 मार्च तक payment कर देना है।

Self Assessment

Self Assessment यानि जो भी tax बाकी रह गया है वो आप Pay कर रहे है जैसे की अगर आप TDS और Advance Tax मे नही आते तो आपको खुद अपना Tax निकालके देना पड़ता है। TDS और Advance tax मे जो हिस्सा Tax का बाकी रह जाता है Pay करने का वो Self Assessment करके देना होता है।

जब आप साल के आखिर मे Tax Return File करते है तब कुछ income पे आपने TDS दिया हो और अंदाजे से जो income का Advance Tax दिया जाता है और उसके उपर भी जो Income Tax pay के लिए बिना की रह जाती है वो Self Assessment से Pay की जाती है।

E-Payment Facility

अगर आपको Tax Pay करना है तो आप NSDL की Website से जाके
Online payment कर सकते है।

आज हम ने बहुत बार Income Tax Return की बात की लेकिन नए लोगो को पता नही की Income Tax Return क्या होता है। तो यहा इस बारे मे भी जन लेते है।

ITR-V

ITR-V यानी की ITR जो file किया हैं उसका Verification करना। ITR verify करने के लिए आपका अगर आधार कार्ड फोन नंबर से लिंक हैं तो वहा से OTP ke जरिए कर सकते है नहीं तो आपको ITR की कॉपी physical Main department CPC banglore भेजनी होती हैं। अपनी sign करके।

Income Tax Return

Income Tax Return हर साल File किया जाता है। और Income Tax Slab मे जो लिमिट है उससे ज्यादा आपकी Income है तो आपको Income Tax Return File करना ही होता है।

Income Tax फ़ाइल करना और Tax भरना अलग अलग चिज़े है। बहुत सारे लोगो को लगता है की Income tax Return भरना यानि की हमे Tax देना होगा लेकिन ऐसा बिलकुल नही आप अपनी Income Income Tax Return मे बताते हो अगर आपकी Income 5 लाख से ज्यादा आती है तो आपको Tax देना होगा वरना आपके उपर तक्ष lability 0 आती है हा सिर्फ  और आप जो पैसे देते है वो Return फ़ाइल करने की Fees होती है नाकी Tax।

Income Tax Return file करना यानि की आपकी जो भी सालाना Income है वो सारी income अलग अलग form आते है वहा बता सकते है। आपको सारी income सही सही बाटनी होती है और आप Deduction claim कर सकते है। और Final मे वह ही आपा Tax automatic निकलके आता है।

जैसे हमने आगे बताया की अलग अलग Head होते है वैसे आपको अपनी income जहा से भी आती है
वहा दिखनी होती है। इसके लिए अलग अलग Form होते है। जो आज के दिन 7 form है।

Income Tax Forms:-

Income Tax Return File करने के अलग अलग Form की जरूरत होती है। जिसकी जेसी income होती है वेसे Form होते है। ITR 1 से ITR 7 तक अलग अलग form है। सारे इंसान की अलग अलग type की income होती है वो भी अलग अलग।

ITR Forms

ITR 1:-

  • जिस Person (Individuals) (residents) जिसकी income salary, one house property, other sources, और agricultural income मे से Rs 5,000 के नीचे और total income up to Rs 50 lakh है वो इंसान ITR-1 File कर सकते है।
  • जिसकी income salary के अलावा यानि Business, Capital Gain, एक से ज्यादा House Property से Income आती है वो ITR 1 file नही कर सकता और 50 लाख से ज्यादा सालाना Income वाला इंसान भी ITR 1 File नही कर सकता है।

ITR 1 सिर्फ Resident Individual के लिए है। यानि कोई Firm या Company ITR 1 File नही कर सकते है।

  • ITR-2:-

ITR 2 वो लोग (Individual, HUF) File नही कर सकते जिनकी Income Business और Profession आती
है। और वो सारे लोग कर सकते है जो ITR 1 नही कर सकते है।

  1. ITR 2 जिनकी income Salary से आती है। वो file कर सकते है।
  2. जिनकी income 5000 से ज्यादा Agriculture से आती है वो ITR 2 File कर
    सकते है।
  3. एक से ज्यादा House Property से income वाले भी कर सकते है।
  4. Capital gain से से income या Loss वाले भी ITR 2 File कर सकते है।
  5. विदेश से जिनकी income आती है वो भी ITR 2 File कर सकते है।
  6. Resident Non Resident भी ITR 2 File कर सकते है।
  7. किसी कंपनी का Director भी ITR 2 File कर सकते है
  • ITR 3

ITR वो सारे लोग File (Individual, HUF)  कर सकते है जो ITR 1 और ITR 2 File नही कर सकते
है। ITR 3 Almost सारे लोग के लिए है। Business से Income हो या Salary से या
तो पंचो Head से हो।

  • ITR 4

ITR 4 वो File (Individual, HUF) कर सकता है जिनकी Income Preservative Scheme Section 44AD, Section 44ADA और Section 44AE  मे आती है the Income Tax Act मे।

  1. अगर आपका F.Y. का Turnover 2 करोड़ से ज्यादा है वो ITR 4 File नही कर सकते है।
  2. Freelancer जिनकी Income 50 लाख से ज्यादा नही है वो ITR 4 File कर सकते है।
  3. Company, LLP, partnership Firm, Trusts ITR 1 से ITR 4 File नही सकते है उनके लिए ITR 5-7 है।

ITR-5: Partnership firms or
LLPsITR-6: CompaniesITR-7: Trusts

Required Documents For File ITR. ITR File करने के लिए कोनसे Documents की जरूरत है।

ITR File करने के लिए Form 16, Form 26AS, Form 16A और जो भी आपने Investment किए है उनके Prof के लिए Certificate और सारी Bank Statements।

ITR File करने के लिए जो भी Documents चाहिए वो Depend करता है की आपने क्या क्या
किया है कैसे की क्या लिया है, क्या बेचा है, कहा Investment की है कोनसे खर्चे कहा किए है उस पे Depend करता है Mostly आपने जो किया है उनके सारे Prof के लिए Documents की आवश्यकता होती है।

अब जानते है की कैसे आप अपनी Income Tax का calculation कर सकते है?

Income Tax Calculation

आपकी जो भी Total income है उसकी List बना दो की कोनसी income कहा से कितनी आयी है?
जैसे की Salary, Capital gain, Rent Received, gift income etc… सारी income की लिस्ट बना दो।

आगे जैसे हमने बात की आप Deduction और Exemption से Net Income कम कर सकते है तो आपको सारी Deduction और Exemption की list बना देनी है की कहा कहा कितना खर्चा और Investment की है।

अब Total Income मैसे Deduction और Exemption निकालके देखना है की कितनी Net Income आ रही है अगर 5 लाख तक आएगी तो आपको कोई Tax नही देना है। और अगर ज्यादा आती है तो Income Tax Slab मे जो Rate है उसके हिसाब से Tax निकालना होता है।

Income का Computation क्या है? What is computation of income?

उपर हमने जैसे बताया की Income Tax का calculation कैसे किया जाता है वो Income का Computation है।

Computation of income मे सारी income बताई जाती है की कोनसे head से कितनी income आयी अगर आपको कही पर loss है तो वो भी बता सकते है
की कितना Loss कहा पे हुआ और उसको Rule के हिसाब से दूसरी  इंकम के सामने Set off किया जाता है। फिर सारे Deduction और Exemption को Less किया जाता है।

फिर जो Net Taxable Income आती है उसके उपर Tax निकाला जाता है। जिसके उपर जितना tax लगता है वो अलग अलग बताया जाता है

पिछले 2 साल से हमारे यहा 2 slab चल रहे है आप अपने हिसाब से किसी एक मे Return File कर सकते है। अगर आप ज्यादा Deduction लेके अपनी INCOME Tax कम करते है तो Old Slab अच्छा रहगा आपके लिए और अगर आपकी Income Pure है कोई Investment या Deduction नही है तो New आपके लिए सही है क्यूकी उसमे tax rate कम है।।

आज आपने एक साथ सारा कुछ Income Tax Related जाना अब आप Detail मे जाके भी एक एक चीज़ समज सकते है साथ मे आप अपना खुद का return भी file कर सकते है। और अगर दूसरों के Return file करना है तो वो भी कर सकते है।

1. इनकम टैक्स क्या है? 

Income tax एक प्रकार का कर है जो सरकार हमारी income पर लेती है। और उससे सरकार देश चलाने और विकास के लिए use करती है। 

2. इनकम टैक्स कितने तक फ्री है?

Income tax की Basic Exemption limit 2.5 लाख है यानि की 2.5 लाख तक की income  Tax free है लेकिन अगर आपकी Income 5 लाख तक है तो Section 87 A मे Rebate मिल जाती है तो 5 लाख तक की income पे कोई tax नही है।

3.इनकम टैक्स कितने प्रकार के होते हैं?

India मे Tax के दो प्रकार है। 
       Direct Tax 
       Indirect Tax
Direct tax आपको ही देना होता है वो आप किसी और के माथे पे Transfer नही कर सकते है। और Indirect tax आप Indirectly दे रहे हो और किसी और से वसूल कर सकते है। जैसे के GST

4. Heads of income tax in india in hindi

1.    Income From Salary
2.    Income From Business & Profession
3.    Income From Capital Gain
4.    Income From House/ Property
5.    Income From Other Sources

5. Tax Exemption क्या होता है? (what is Tax Exemption?)

Tax Exemptions यानि जो income पे Tax नही लगता। जैसे की India मे Agriculture Income। Agriculture Income मे भी Income Tax Act मे Definition है की कोनसी income Agriculture Income है और कोनसी नही।

6. Tax Deduction क्या है? (what is Tax Deduction in hindi?)

Tax Deduction का अर्थ कर छूट। यानि की जिससे हम हमारी Taxable income कम कर सके वो खर्चे, Investment। Government हमे सारी Investment या खर्चे Allow नही करती की हमारी सारी income पे सारे खर्चे निकालके जो Saving या जो बचे उसपे Tax दे।

7. Standard Deduction क्या है?

Standard Deduction Gross Salary मैसे 50000 तक की छूट मिलती है यानि फ्लॅट आपको
कोई भी saving, Investment किए बिना आपको 50000 का Deduction मिलता है। जो हर Salaried Person को मिलता है। किसी और Business वाले या किसी और को standers Deduction नही मिलता है।

8. Tax Rebate क्या होता है? (What Is Tax Rebate in hindi)

Tax Rebate यानि कर मे राहत। अगर आपकी Net income 500000 INR से कम है आपको 12500 INR तक की Tax की राहत मिलती है। tax Rebate आपको Total income मैसे सारे Exemption, Deduction निकालने के बाद जो Taxable income आती है उसपे जो TAX आता है उसमे 12500 तक का tax आपको pay नही करना होगा। Tax Rebate Income tax मे Section 87(A) मे मिलती है।

9. Assessment Year क्या होता है?

Assessment Year यानि हमारी income जिस साल मे Calculate होके Tax दिया जाता है वो साल। हमारे India मे Accounting Year 1 April से start होता है और 31 march को खतम होता है। जैसे की अभी 1 April 2022 से नया साल start होगा जहा से नए साल से फिर से accounting maintain की जाती ही। और 31 march 2023 मे साल खत्म होगी। और Year end मे account सारा बनाया जाता है जैसे Balance Sheet, Profit and loss account।

10. Financial Year क्या होता है?

 Assessment Year का पिछला साल यानि Financial year जिसमे हम Investment, Saving Earning करते है वो साल। जिसको Previous Year या Financial Year भी कहा जाता है। जैसे अभी 2021-2022 financial Year चल रहा है और उसका tax हम A.Y. 2022-2023 मे देगे।

11. Assessee क्या होता है?

Assessee यानि वो इंसान Company, या LLP जो भी है जिसका Tax Calculate करते है और जिससे वो Pay करना होता है। वो कोई इंसान हो सकता है, कंपनी हो सकती है या कोई Partnership Firm भी हो सकती है। जिस भी Type का Business Entities है वो सारी Assessee है। जिस भी Type का Business Entities है वो सारी Assessee है जो tax pay करने वाली है।

12. Income Tax Payment कैसे करे?

Income की 3 तरीको से Payment होती है एक है TDS, Advance Tax और Self Assessment tax। 
अगर आपको Tax Pay करना है तो आप NSDL की Website से जाके Online payment कर सकते है।

13. ITR-V क्या है?

ITR-V
यानी की ITR जो file किया
हैं उसका Verification करना। ITR verify करने के लिए आपका अगर आधार कार्ड फोन नंबर से लिंक हैं तो वहा से OTP
ke जरिए कर सकते है नहीं तो आपको ITR की कॉपी physical
Main department CPC Bangalore भेजनी होती हैं। अपनी sign करके।

14. Income Tax Calculation

आपकी जो भी Total income है उसकी List बना दो की कोनसी income कहा से कितनी आयी है? जैसे की Salary, Capital gain, Rent Received, gift income etc… सारी income की लिस्ट बना दो।
आगे जैसे हमने बात की आप Deduction और Exemption से Net Income कम कर सकते है तो आपको सारी Deduction और Exemption की list बना देनी है की कहा कहा
कितना खर्चा और Investment की है।
अब Total Income मैसे Deduction और Exemption निकालके देखना है की कितनी Net Income आ रही है अगर 5 लाख तक आएगी
तो आपको कोई Tax नही देना है। और अगर ज्यादा
आती है तो Income Tax Slab मे जो Rate है उसके हिसाब से Tax निकालना होता है।

15. Income का Computation क्या है? What is computation of income?

उपर हमने जैसे बताया की Income Tax का calculation कैसे किया जाता है वो Income का Computation है।

 

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